Latest Post


 

उल्हासनगर:


 १९४२ च्या भारतीय स्वातंत्र्य लढ्यातील क्रांतिकारक हुतात्मा वीर भाई कोतवाल यांची १ डिसेंबर रोजी साजरी होणाऱ्या जयंतीनिमित्त उल्हासनगर शहरातील कँम्प नंबर -४ येथील व्हिनस सिनेमा जवळील स्टेशन रोड वर असलेल्या क्रांतिकारक हुतात्मा वीर भाई कोतवाल  चौकाचा उल्हासनगर महानगरपालिका च्या वतीने करण्यात येणाऱ्या नुतनीकरण कामाचा शुभारंभ कार्यक्रम मोठ्या उत्साहात संपन्न झाला.


क्रांतिकारक हुतात्मा वीर भाई कोतवाल चौक स्मारक समितीच्या वतीने आयोजित करण्यात आलेल्या जयंती कार्यक्रमात कल्याण पूर्व विधानसभेचे आमदार गणपतशेठ गायकवाड यांच्या शुभ हस्ते चौकाच्या नुतनीकरण कामाचा नारळ फोडून शुभारंभ करण्यात आला.याप्रसंगी अखिल भारतीय जिवा सेनेचे राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पिंपळगांवकर, कायद्याने वागा लोकचळवळीचे संस्थापक राज असरोंडकर, जेष्ठ पत्रकार दिलीप मालवणकर हे प्रमुख पाहुणे म्हणून उपस्थित होते.




 



उल्हासनगर - गत १७ सालों से पूर्व नगरसेविका मीना सोंडे के अथक प्रयास और पालिका प्रशासन के खिलाफ उच्च न्यायालय की लड़ाई लड़ने के बाद अब प्लेग्राउंड बनाने के लिए सफलता प्राप्त की है।

ज्ञात हो कि उल्हासनगर कैंप नम्बर ५ स्थित कैलाश कॉलोनी चौक से काली माता मंदिर बीच कुर्ला कैंप रोड पर एक खाली प्लॉट है जिसका नम्बर ६३१ है और उसका एरिया तकरीबन 1 एकड़ बताया जाता है वह खुला प्लॉट है। यह प्लॉट ३० से ४० फ़ीट गड्ढे में था। स्थानीय नगरसेविका पूर्व नगरसेविका मीना सोंडे ने इस प्लॉट को बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाने का ठान लिया था। इस प्लॉट के बारे में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और उल्हासनगर मनपा द्वारा अलग अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। फिर भी पूर्व नगरसेविका मीना सोंडे ने हार नहीं मानी थी। उन्होंने अपनी कोशिश जारी रखी थी।इस खाली पड़े प्लॉट का गड्ढा ईमारत बनाते या तोड़ते समय बचा मलबा यानेकी डेब्रिज़ से भर दिया गया है। पूर्व नगरसेविका मीना सोंडे ने इस प्लॉट के बारे में 

महराष्ट्र जीवन प्राधीकरण प्रशासन से पत्रव्यवहार करके वह प्लॉट (नम्बर ६३१) सरकार से उल्हासनगर महानगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया साथ ही उक्त प्लॉट पर बच्चों को खेलने के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाया जाने वाला है। पूर्व नगरसेविका मीना सोंडे ने उल्हासनगर महानगर पालिका की आमसभा में इस प्लॉट पर स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाने के लिए मांग भी की थी। डेवलपमेंट प्लान में फ़ेरबदल कर इस प्लॉट पर खेल के मैदान के लिए आरक्षित किया गया है ऐसी जानकारी उल्हासनगर महानगर पालिका की स्थानीय पूर्व नगरसेविका श्रीमती मीना सोंडे ने दी।

इस प्लॉट पर स्थानीय नागरिकों, उमनपा स्वछताकर्मियों द्वारा सफाई अभियान भी किया गया था। लाल मिट्टी का भराव डालकर बच्चों के लिये स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाया जाएगा। साथ ही ठाणे ज़िला के पालकमंत्री और पालिका आयुक्त को पत्र लिखकर इस प्लॉट पर खेल मैदान बनाने के लिए १ करोड़ ५० लाख रुपये निधी फंड की मांग की गयी है ताकि उक्त खाली जगह पर बच्चों को खेलने के लिये स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाया जाए। आनेवाले समय में कैंप नम्बर ५ के रहिवासियों को एक खेल का मैदान मिल सके ऐसा पूर्व नगरसेविका सोंडे ने बताया।

नगरसेविका मीना सोंडे द्वारा इस के पहले भी एक ओपन प्लॉट के लिए पालिका प्रशासन के साथ उच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़कर उस प्लॉट को ऑक्सी पार्क बनाने के लिए सफलता प्राप्त की है जिससे इस प्लॉट पर आज भी बहुत से बच्चे खेलते हैं और आनंद महसूस करते है।




 


उल्हासनगर:


उल्हासनगर महानगर पालिकेच्या मुख्यालयात जवळपास सर्व महापुरुषांची जयंती महापालिका प्रशासनाच्या वतीने साजरी केली जाते यात कुठलीही शंका नाही.परंतु आपल्या शहरात विविध ठिकाणी या महापुरुषांचे स्मारक ( पुतळे ) उभारण्यात आले आहेत.महापालिका प्रशासन मुख्यालयात तर जयंती व पुण्यतिथी साजरे करते परंतु या स्मारकांकडे दुर्लक्ष करते व ही बाब निषेधार्थ आहे.महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या वतीने शहर अध्यक्ष बंडू देशमुख यांनी मागणी केली की उल्हासनगर महापालिका क्षेत्रात ज्या ज्या ठिकाणी महापुरुषांचे पुतळे आहेत त्या त्या ठिकाणी महापालिकेच्या वतीने या सर्व महापुरुषांची जयंती व पुण्यतिथी साजरी करण्यात यावी.तसेच यासाठी मंडप,रोषणाईसह इतर खर्च महापालिकेच्या वतीने करण्यात यावा अशीही मागणी बंडू देशमुख यांनी केली आहे.

 


उल्हासनगर:


                 उल्हासनगर शहराला MIDC कडून दिवसाला जवळपास 140 ते 145 MLD पाणी पुरवठा केला जातो.व आपल्या शहरातील लोकसंख्या पाहता आपल्याला 110 ते 115 MLD पाणी पुरेसे आहे.म्हणजेच midc आपल्याला दररोज 25 ते 30 mld पाणी अतिरिक्त देते तरी सुद्धा दररोज बऱ्याच विभागात सुरळीत पाणी पुरवठा केला जात नाही.अनेक नागरिकांना तर दोन दोन दिवस पाणी मिळत नाही ही बाब गंभीर आहे.व याच मुख्यकारण म्हणजे संपूर्ण शहरात मोठया प्रमाणात होणारी पाणी गळती व पाण्याची चोरी व या पाणी गळतीला फक्त आणि फक्त अधिकारी व ठेकेदार जबादार आहेत.कारण विविध ठिकाणी पाईप लाईन टाकतांना निकृष्ट दर्जाच साहित्य वापरलं जात. नियमानुसार महापालिके कडून पाईप लाईनच काम करतांना DI च्या पाईपचा वापर व्हायला हवा परंतु ठेकेदार जास्त रकमेचा ठेका घेऊन कमीतकमी खर्चात काम कस होईल या चक्कर मध्ये असतो.त्यातच पाईप लाईनच काम करतांना प्रशासना काडून DI च्या पाईप ऐवजी GI च्या "C" Class च्या पाईप वापरण्याच काम दिल जात.परंतु ठेकेदारा कडून "A" class च्या पाईपला "C" चा कलर मारून "C" class च्या पाईप ऐवजी "A" च्या निकृष्ट दर्जाच्या पाईपचा वापर केला जातो.हा पाईप 4 ते 6 महिन्यात सडतो मग पाणी गळतीची तक्रार येते मग आमचे अधिकारी ठेकेदाराला कुठलीही वर्क ऑर्डर न देता तोंडी आदेश देऊन काम करायला सांगतात ठेकेदार त्या ठिकाणी खोदतो व त्या पाईपला वेल्डिंग करतो.थोडयाच दिवसांनी तोच पाईप वेल्डिंगच्या पुढे सडतो परत ठेकेदार पुढे वेल्डिंग करतो हा सिलसिला संपूर्ण शहर भर वर्षे ना वर्ष सुरु आहे.व कामात करोडो रुपयाचा भ्रष्टाचार केला जातो.व अशा निकृष्ट दर्जाच्या कामामुळे दिवसाला कितीतरी MLD पाणी वाया जाते.वारंवार रस्ते खोदले जातात.परंतु या बाबतआपल्या अधिकाऱ्यांनां कुठलंही सोयर सुतक नाही असा आरोप मनसे शहर अध्यक्ष बंडू देशमुख व जिल्हा सचिव संजय घुगे यांनी केला आहे.


मी आपल्याला या निवेदनच्या माध्यमातून विनंती करतो की हा करोडो रुपयाचा भ्रष्टाचार,पाणी गळती मुळे रस्त्यांच होणार खोदकाम व या खोदकामामुळे रस्त्याच होणार नुकसान,मोठया प्रमाणात होणारी पाणी गळती,पाणी गळती मुळे होणारी पाण्याची नासाडी व या सर्व प्रक्रियेत होणारा करोडो रुपयाचा भ्रष्टाचार,ठेकेदारा द्वारे पुन्हा पुन्हा काम निघावं म्हणून केल जाणार निकृष्ट दर्जाच काम हे कुठेतरी थांबायला हवं यासाठी तसेच यापुढे होणार नवीन पाईप लाईन काम तसेच देखभाल दुरुस्तीच्या कामात जास्तीतजात "GI" च्या पाईपचा वापर करून चांगल्या प्रतीच काम करण्यात यावं.शहरातील पाणी गळती बंद करून शेवटच्या नागरिकांन पर्यंत मुबलक पाणी पोहचवण्यात यावं.तसेच शहरातील सर्व विभागातील नागरिकांना सामान पाणी पुरवठा करण्यात यावा,तसेच जानेवारी 2017 ते 30 नोव्हेंबर 2022 या कालावधीत पाणी गळती बंद करण्यासाठी व पाईप लाईनच्या देखभाल दुरुस्तीसाठी महापालिकेचा किती खर्च झाला व याला जबादार कोण.? याची चौकशी करण्यात यावी अशी मागणी शहर अध्यक्ष बंडू देशमुख व जिल्हा सचिव संजय घुगे यांनी आयुक्तांकडे केली आहे.

 



उल्हासनगर - महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राजसाहेब ठाकरे और अमितसाहेब ठाकरे के आदेश पर एड. कल्पेश माने को कल्याण लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत उल्हासनगर तथा अम्बरनाथ विधानसभा कार्यक्षेत्र के उप जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्ती की गई है।  महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष श्री अमित राजसाहेब ठाकरे के आदेशानुसार एवं मनसे नेता राजूदादा पाटिल,मनसे महासचिव श्री संदीप पचंगे, श्री अखिल चित्रे, एवं सायली सोनवणे मैडम, जिलाध्यक्ष धनंजय गुरव के मार्गदर्शन में ऐड कल्पेश माने को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया इनके साथ ही अंकित कांबले को उल्हासनगर तथा अम्बरनाथ कार्यक्षेत्र के जिल्हा सचिव पद पर नियुक्ति की गई। 


ज्ञात हो कि ऐड कल्पेश माने द्वारा बहस करने पर विभिन्न आंदोलनों के चलते मनसे नेता संदीप देशपांडे और ठाणे जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव  को अदालत से जमानत मिल गई थी।  तभी से एड. माने सुर्खियों में आ गए हैं जिससे उनकी कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें मनसे के कानूनी विभाग में एक महत्वपूर्ण पद भी जिम्मेदारी सौंपी गई।






 


उल्हासनगर:


२५ नवंबर को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय मीटलेस डे के रुप में मनाया जाता है २५ नवंबर १८७९ को हैदराबाद सिंध अखंड भारत में जन्मे साधु थांवरमल लीलाराम वासवानी एक महान संत रहे हैं , जिन्होंने एम.ए. करने के बाद में प्रोफेसर बन गए व महिलाओं को सशक्त बनाने और शिक्षित करने के उद्देश्य से मीरा आंदोलन की स्थापना की स्वतंत्रता आंदोलन में भी बहुत बड़ा योगदान देने के बाद सभी को एक ही नज़र से देखते हुए   प्रेम और सम्मान का उपदेश देते हुए जीवन जीया , अधिक जानकारी देते हुए उल्हासनगर व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष जगदीश तेजवानी बताते हैं ३० वर्ष की उम्र में साधु वासवानी भारत के प्रतिनिधि के रूप में विश्व धर्म सम्मेलन में बर्लिन गये उनके प्रभावशाली भाषण के बाद यूरोप में धर्मप्रचार के दौरान वहां के लोगों के बीच व जीवन मे गहरा प्रभाव हुआ ,उनका मानना ​​था कि सभी प्राणियों में एक जैसा जीवन होता हैं औऱ सबके लिये दिल मे दया भावना रहना चाहिये  जीवनकाल के दौरान उन्होंने साधु वासवानी मिशन की स्थापना की जो सभी धर्मों की एकता में विश्वास करता है और सभी धर्मों के महान लोगों का सम्मान करता है " मिशन का उद्देश्य सभी मनुष्यों, पक्षियों, जानवरों, चेतन और निर्जीव चीजों में केवल एक ही जीवन प्रवाहित होता है , साधु वासवानी का १९६६ में ज्योतिज्योत समा गए ,  १९८६ में दादा जेपी वासवानी (साधु वासवानी मिशन के पूर्व आध्यात्मिक प्रमुख) द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया कि २५ नवंबर , साधु वासवानी की जयंती को अंतर्राष्ट्रीय माँसहीन दिवस  Inernational Meatless Day के रूप में मनाया जाए। मीटलेस डे अभियान की शुरुआत जानवरों की हत्या को बचाने और रोकने के लिए शाकाहारी जीवन शैली अपनाने के लिए की गई थी अभियान को काफी सफलता मिली साधु वासवानी मिशन के कई अनुयायियों और शिष्यों व कई देशों में तब से इस दिन मांसाहार न करने का संकल्प लिया हैं तब से अंतरराष्ट्रीय माँसहीन दिवस के रुप में पूरे विश्व में मनाया जाता हैं।





उल्हासनगर - 


बालासाहेब की शिवसेना के उल्हासनगर शहर प्रमुख राजेंद्र सिंह भुल्लर महाराज के काफी कोशिश के पश्चात उल्हासनगर महानगर पालिका प्रशासन ने सिंधी समुदाय के राजा दाहिर सेन के नाम से बनाया गया चौक का निर्माणकार्य शुरू कर दिया।

ज्ञात हो कि कुछ महीने पहले उल्हासनगर मनपा की ओर से सिंध के आखरी हिंदू राजा सिंधु नरेश महाराज दाहिर सेन के नाम से चौक कैंप नंबर तीन स्थित १७ सेक्शन में टिलसन मार्केट के सामने पास किया गया था। चौक का काम भी शुरू हुआ लेकिन कुछ कारणवश बीच में ही यह काम बंद हो गया। इस चौक का निर्माणकार्य बंद होने की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पूर्व नगरसेवक और बालासाहेब की शिवसेना के शहर प्रमुख राजेंद्र सिंह भुल्लर (महाराज) ने उल्हासनगर महानगर पालिका प्रशासन को इस बारे मे अवगत कराया परिणामस्वरूप पालिका प्रशासन ने इस चौक के निर्माणकार्य को तत्काल पुन: तेजी से शुरू किया। जिससे बालासाहेब की शिवसेना के शिवसैनिकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। अब शहर में यह भी चर्चा चल रही है कि उल्हासनगर महानगर पालिका द्वारा बनाया गया सिंधु भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे या फिर सांसद श्रीकांत शिंदे के करकमलों द्वारा किया जा सकता है।


सिंधु देश के आखरी हिन्दू राजा, राजा दाहिरसेन जी का इतिहास इस प्रकार है।राजा दाहिर सिंध के सिंधी ब्राह्मण सैन राजवंश के अंतिम राजा थे। उनके समय में ही अरबों ने सर्वप्रथम सन ७१२ में भारत (सिंध) पर आक्रमण किया था। महान हिन्दू राजा दाहिरसेन ने ३२ सालों (६६३ से ७१२ ईसवी) तक मोहम्मद बिन कासिम को सिन्ध से ही आगे नहीं बढ्ने दिया।

उन्होंने अपने शासनकाल में अपने सिंध प्रांत को बहुत ही मजबूत बनाया परंतु अपने राष्ट्र और देश की रक्षा के लिए उन्होंने मोहम्मद बिन कासिम की लड़ाई लड़ी और ७१२ में उनका सिंधु नदी के किनारे उनकी मौत हो गयी।


पश्चिम में एक कहावत है कि पहले दुश्मन को बुरा नाम दो और फिर उसे मार दो। ऐसा ही कुछ मुस्लिम इतिहासकारों ने किया, उन्होंने सिंध के आखिरी हिन्दू राजा को बदनाम करने में कोई कसर न छोड़ी, क्यूंकि उस हिन्दू राजा ने ३२ साल तक उनको आगे नहीं बढ़ने दिया था।

पुष्करणा ब्राह्मण राजा दाहिरसेन को बदनाम करने के लिए अपनी ही बहन से विवाह करने के मनगढंत किस्से लिखने शुरू किये, अगर कोई हिन्दू धर्म को समझता है तो वो समझ सकता है कि अपनी ही बहन से विवाह करना हिन्दू धर्म की नही दुसरे धर्मों की प्रथा है और ये मुस्लिम इतिहासकारों का सफेद झूठ था उनको आने वाले समय में बदनाम करने के लिए गया था।


हिन्दू इतिहास पर गौर किया जाए तो पुण्य सलिला सिंध भूमि वैदिक काल से ही वीरों की भूमि रही है। वेदों की ऋचाओं की रचना इस पवित्र भूमि पर बहने वाली सिंधु नदी के किनारों पर हुई, इसी पवित्र भूमि पर पौराणिक काल में कई वीरों व वीरांगनाओं को जन्म दिया है। जिनमें त्रेता युग में महाराज दशरथ की पत्नी कैकेयी और द्वापर युग में महाराजा जयदरथ का नाम भी शामिल है।


राजा दाहिर एक महान हिन्दू शासक थे जिहोने युद्ध क्षेत्र में लड़ते हुए प्राण न्योछावर किये l उनकी सुंदर बेटियों को इस्लामी परंपरा के तहत युद्ध में लूट के रूप में कब्जा लिया गया। मुहम्मद बिन कासिम ने उनकी बेटियों को उस समय के खलीफा सुलेमान बिन अब्द अल मलिक के सामने उपहार के रूप में भेजा।


अंत में उनकी ही बेटियों ने पहले सूझ बुझ और अक्लमंदी से खलीफा के हाथों मुहम्मद बिन कासिम को मरवा कर अपना बदला लिया और बाद में खुद को खलीफा से बचाते हुए एक दुसरे को ही मार दिया।


राजा और उनकी बेटियों के बलिदानों से प्रेरित होकर ही सिंधी लेखक ने यह पंक्तियां लिखी हैं -

हीउ मुहिजो वतन मुहिजो वतन मुहिजो वतन,

माखीअ खां मिठिड़ो, मिसरीअ खां मिठिड़ो,

संसार जे सभिनी देशनि खां सुठेरो।

कुर्बान तंहि वतन तां कयां पहिंजो तन बदन,

हीउ मुंहिजो वतन मुहिजों वतन मुहिजो वतन।




MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget