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उल्हासनगर:

नवरात्रों के शुभ अवसर पर उल्हासनगर कैंप 1 स्थित आराधना अपार्टमेंट के पास जय अम्बे मां मंदिर (श्री गुरुनानिक बाल जगत सभा) में माता की चौकी का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को "सब से बड़ी है मां" मंडली द्वारा संपन्न हुआ।  

आयोजन के दौरान माता की स्तुति और भजनों से मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। हजारों भक्तजन चौकी में शामिल हुए और प्रसाद व भंडारे का लाभ उठाया। 

मंदिर प्रबंधन समिति ने जानकारी दी कि आगामी 30 सितंबर 2025 अष्टमी तिथि को मंदिर में हवन का आयोजन होगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के प्रसाद भक्तों को वितरित किए जाएंगे। 

मंदिर के सेक्रेट्री कैलाश चंचलानी ने बताया कि यह मंदिर वर्ष 1999 में स्थापित हुआ था और तब से लगातार सेवा और धार्मिक गतिविधियों का केन्द्र बना हुआ है। कई सेवाधारी इसमें निस्वार्थ भाव से योगदान दे रहे हैं।  इस विशेष आयोजन ने भक्तों में न केवल भक्ति और उत्साह का संचार किया, बल्कि एकता और सहयोग की भावना भी दिखाई दी। भक्तों ने मां दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद का विशेष अनुभव किया।







 


ठाणे: कर्ण हिन्दुस्तानी 

सांगली में हुई थी मराठी नाटकों की शुरुआत:

5 नवंबर को हर साल मनाए जाने वाले मराठी रंगभूमि दिवस पर महाराष्ट्र की रंगमंच परंपरा का Celebrations किया जा रहा है। 1843 में सांगली के चिंतामणराव आप्पासाहेब पटवर्धन की मदद से स्वर्गीय विष्णुदास भावे द्वारा मंचित पहले मराठी नाटक 'सीता स्वयंवर' ने मराठी नाटकों के इतिहास की नींव रखी।

मराठी नाटकों का दर्शकों पर गहरा प्रभाव:

मराठी नाटकों ने नृत्य, गायन, और अभिनय के माध्यम से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। पारिवारिक, सामाजिक और हल्के-फुल्के विषयों पर आधारित नाटक आज भी दर्शकों को आकर्षित करते हैं।

महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक का योगदान:

महाराष्ट्र की लगभग हर नपा-मनपा क्षेत्र में नाट्यगृह का निर्माण किया गया है, जो दर्शकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। मराठी रंगभूमि अब महाराष्ट्र की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

मराठी रंगभूमि दिवस की सभी को शुभकामनाएं!






 

उल्हासनगर: 

हर साल की तरह इस नवरात्रों में जय अम्बे मां मंदिर (श्री गुरुनानिक बाल जगत सभा) में माता की चौकी का आयोजन को किया गया। यह विशेष आयोजन आराधना अपार्टमेंट के पास उल्हासनगर कैंप 1 में ८/१०/२५ मंगलवार को हुआ। चौकी का आयोजन "सब से बड़ी है मां" मंडली द्वारा किया गया, जिसमें माता के भजनों से मंदिर गूंज उठा।

भक्तजनों के बीच भंडारा और प्रसाद का वितरण किया गया। हजारों भक्तों ने मां का प्रसाद और आशीर्वाद प्राप्त किया।

११ अक्टूबर २४ को अष्टमी तिथि पर मंदिर में हवन का आयोजन किया गया। इस दिन मंदिर में विभिन्न प्रकार के प्रसाद वितरित किए गए। मंदिर की मान्यता के कारण भक्तों का आना-जाना देर रात तक जारी रहा।

मंदिर के चेयरमैन सुरेंद्र हरयानी ने बताया कि यह मंदिर 24 वर्ष पूर्व सन 1999 में स्थापित हुआ था। कई सेवाधारी इस मंदिर से जुड़े हुए हैं और सेवा के कार्य में अपना योगदान देते हैं। दुर्गा अष्टमी के दिन हवन यज्ञ के समापन के बाद कन्या भोज कराया गया और उसके बाद आए भक्तों में प्रसाद बांटा गया। यह कार्यक्रम शाम तक चला।

इस आयोजन ने भक्तों में न केवल धार्मिक उत्साह फैलाया बल्कि एकता और सहयोग का भी परिचय दिया। मंदिर में हुई गतिविधियों ने सभी को मां दुर्गा की कृपा का अनुभव कराया।






उल्हासनगर : 

25 सितंबर 2024 आगामी नवरात्र उत्सव-2024 को लेकर उल्हासनगर पुलिस थाने में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मंडल के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विष्णु ताम्हाणे ने बताया कि इस वर्ष कुल 18 सार्वजनिक और 8 निजी पंडाल स्थापित किए जाएंगे।

 बैठक के मुख्य बिंदु:

1. नवरात्र मंडल को समाज उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

2. नवरात्र उत्सव के दौरान अपमानजनक पोस्टर और बैनर न लगाने की सलाह।

3. चेन स्नैचिंग चोरों और पाकीट मारों से सावधान रहने के लिए पोस्टर लगाए जाएंगे।

4. मंडल में दिन-रात स्वयंसेवक तैनात किए जाने की आवश्यकता।

5. अपमानजनक राजकीय पोस्टर और बैनर न लगाने की हिदायत।

6.  देवी के विसर्जन जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के प्रति अश्लील गीत या घोषणाएं न देने का निर्देश।

7. नवरात्र उत्सव के दौरान डीजे का उपयोग न करने और पारंपरिक वाद्य बजाने की सलाह।

8. सड़क पूरी तरह से ब्लॉक न करने और लोगों के लिए रास्ता छोड़ने की आवश्यकता।

9. जनजागृति पर देखावे और बैनर लगाने का निर्देश।

10.मंडल के सामने और मंडप में सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह।

11.  गरबा खेलने के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने का निर्देश।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विष्णु ताम्हाणे ने स्पष्ट किया कि दांडिया कार्यक्रम रात 10 बजे तक ही चलेंगे। साउंड सिस्टम की आवाज को नियंत्रित रखा जाएगा और कार्यक्रम समय पर समाप्त करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्हासनगर पुलिस ने जनजागृति अभियान की भी पहल की है, ताकि लोग नवरात्र उत्सव के दौरान सुरक्षा और सद्भावना बनाए रखें।

बैठक में लगभग 35-40 अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने इन निर्देशों को गंभीरता से लिया और नवरात्र उत्सव को शांतिपूर्ण और सफल बनाने का संकल्प लिया।





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