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अंबरनाथ: 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिवगंगा से लोकनगरी जाने वाले प्रमुख मार्ग पर नगर परिषद द्वारा किए गए वृक्षारोपण को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कड़ी आपत्ति जताई। मनसे अंबरनाथ शहर अध्यक्ष शैलेश शिर्के के नेतृत्व में पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और कार्यकर्ता मौके पर इकट्ठा हुए और काला रिबन बांधकर निषेध प्रदर्शन किया।

शिर्के ने कहा कि वृक्षारोपण का स्वागत करते हुए भी पहले तकनीकी जांच और स्थल निरीक्षण आवश्यक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित स्थान पर गैस लाइन या अन्य तकनीकी बाधा हो सकती है, जिसकी पूर्व जाँच नहीं की गई। मनसे का कहना है कि सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे आने वाले समय में नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी ने मामले की तफ्तीश और नागरिकों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की मांग की। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।











 


उल्हासनगर:

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर उल्हासनगर महानगरपालिका के उद्यान विभाग, पर्यावरण विभाग एवं वृक्ष प्राधिकरण समिति ने शहर के विभिन्न उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का आयोजन महानगरपालिका मुख्यालय, साधु वासवानी उद्यान (गोल मैदान), राजीव गांधी उद्यान (सपना गार्डन) सहित अन्य उद्यानों में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागृति बढ़ाना तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना बताया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी उल्हासनगर के जिलाध्यक्ष श्री राजेश वधारिया, शिवसेना पक्ष से वृक्ष प्राधिकरण समिति की सदस्य श्रीमती कविता मनोज लासी के साथ-साथ उल्हासनगर महानगरपालिका के पर्यावरण व उद्यान विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित जनों ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपे और नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि हर पेड़ न केवल शुद्ध हवा और छाया देता है, बल्कि शहर की जल-नमी और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। "एक पेड़ पर्यावरण के लिए, एक कदम उज्ज्वल भविष्य के लिए" के संदेश के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


महापालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर में लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।










 





उल्हासनगर: 

उल्हासनगर महानगरपालिकाधिकारीयों और पुलिस की सुरक्षा में आज पैनल-7 क्षेत्र में बुलडोजर चलाते हुए अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। की गई कार्यवाई में खेमानी से अमरधाम चौक तक फैले इलाके में कुल 20 अवैध टपरियों को जमींदोज कर दिया गया।

सहायक आयुक्त गणेश शिम्पी ने बताया कि यह अभियान शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर अवैध कब्जा किया है, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।"

मौके पर भारी पुलिस व मनपा की टीम मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

स्थानीय व्यापारियों व राहगीरों ने mixed प्रतिक्रिया दी — कुछ लोग कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि इससे सड़कों व फुटपाथों पर जगह साफ़ होगी।







 


अंबरनाथ: 

अंबरनाथ स्टेशन परिसर स्थित शिवशंकर ड्रायफ्रूट के दुकान में रात लगभग एक बजे अचानक भीषण आग लग गई। दुकान पहली मंज़िल पर होने के कारण आसपास के लोगों में भय का माहौल फैल गया। मौके पर पहुंची अंबरनाथ अग्निशमन टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चला कर आग पर नियंत्रण पाया।

अंबरनाथ अग्निशमन प्रमुख भागवत सोनोने के मार्गदर्शन में फायरमैन जाधव, भूषण पाटील और ड्राइवर गायकर सहित दल ने शीघ्र पहुँचकर सीढ़ी लगाकर ऊपर के हिस्से में प्रवेश किया और अथक प्रयासों के बाद आग को कुछ ही समय में बुझा दिया। आग लगने से दुकान के कुछ सामान जल कर राख हो गए और दुकानदार को मापनीय आर्थिक क्षति हुई। भागवत ने प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है।

आग बुझाने के दौरान आसपास के लोगों में दहशत का माहौल रहा, लेकिन अग्निशमन दल के समय रहते पहुँचने और कार्रवाई करने से बड़ी तबाही टल गई। किसी जान माल के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल घटना की आगे भी जांच कर रहे हैं।









 

उल्हासनगर: 

नागरिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर और अतिक्रमणों के नियमितीकरण संबंधी ऐतिहासिक निर्णय संवैधानिक बैठकों के बाद घोषित किए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय व महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे तथा आमदार कुमार आयलानी की मौजूदगी में हुई विशेष बैठक में तय हुआ कि 1 जनवरी 2011 से पूर्व की सभी अतिक्रमणें नियमित की जाएँगी। इस निर्णय से उल्हासनगर की 50 से अधिक झोपड़पट्टियाँ और लगभग 2 लाख से अधिक निवासी मालिकाना हक प्राप्त करने के योग्य बनेंगे।

सरकार ने रेडीरेक्नर (Ready Reckoner) के आधार पर केवल 5% की निश्चित राशि भरकर अतिक्रमण नियमित करने का मार्ग रखा है। साथ ही 'डी प्रमाणपत्र' (D-certificate) की कड़ाई में ढील दे दी गई है, जिससे कई पुरानी इमारतों और संरचनाओं को नियमीत कराने में आसानी होगी। विशेष पथक बनाकर इलाके में अभियान चलाया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों के कागजात की जांच, नाप-जोख और भुगतान प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा सके।

निर्णय के अनुसार, नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर लाभार्थियों को मालिकाना हक की 'सनद' जारी की जाएगी और प्रॉपर्टी कार्ड बनवाने का मार्ग खुल जाएगा। साथ ही जिन इमारतों के लिए व्यवहार्य होगा, उन्हें D-फॉर्म अथवा नई निर्माण अनुमति के लिए आवेदन करने का विकल्प भी दिया जाएगा। आमदार कुमार आयलानी ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का यह स्थायी हल है और शहर के कई परिवारों को इससे सुरक्षा व मान्यता मिलेगी।

स्थानीय प्रशासन ने जल्द ही अभियान की तिथियाँ और आवश्यक दस्तावेजों की सूची जारी करने का आश्वासन दिया है। लाभार्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने पहचान-पत्र, झोपड़पट्टी/प्लॉट से संबंधित पुराने कागजात और कोई भी अन्य समर्थन दस्तावेज तैयार रखें ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।












उल्हासनगर — सुबह करीब 4 बजे हुए भयानक सड़क हादसे में दो मित्रों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार पवन गुप्ता और राजू गुप्ता बाइक से अपने एक मित्र से मिलने वरप जा रहे थे। हनुमान मंदिर के पास ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक असंतुलित हो गई और दोनों युवक ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गए। हादसा इतनी गंभीरता का था कि दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और टिटवाला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कर दोनों शवों को कब्जे में लिया और आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम हेतु मध्यवर्ती अस्पताल भेज दिया। हादसे से उल्हासनगर में शोक की लहर फैल गई है। टिटवाला पुलिस प्राथमिक जांच कर रही है तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में दुर्घटना ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक के संतुलन खोने के कारण हुई प्रतीत हो रही है। असल कारण और किसी प्रकार की लापरवाही का पता जांच के बाद ही चलेगा।

 


कल्याण डोंबिवली — बारिश में आपत्कालीन परिस्थितियों में पेड़ों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को टालने के लिये कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका का उद्यान विभाग युद्धस्तर पर पेड़ छाटने का कार्य कर रहा है। महानगर पालिका के मुख्य उद्यान अधिक्षक संजय जाधव के मार्गदर्शन में आठ पथकों द्वारा मार्च 2026 से अब तक नगर के सभी प्रभागों में लगभग 974 खतरनाक पेड़ों की छाटणी की जा चुकी है और 27 खतरनाक पेड़ पूरी तरह तोड़कर हटाए गए हैं।

नगर भूगोल खाडी किनारे होने तथा व्यापक कंक्रीटीकरण और ढिली मिट्टी के कारण पेड़ों की जड़ें कमजोर हुई हैं, जिससे तेज वर्षा में पेड़ गिरने का जोखिम बढ़ता है। महापालिके ने 2024-25 में किये गए वृक्ष गणना अनुसार नगर क्षेत्र में कुल 7,36,000 पेड़ दर्ज किये हैं; हालांकि पिछले तीन वर्षों की दर से हर वर्ष 700-800 पेड़ गिरते देखे गए हैं, इसलिए यह अभियान निरंतर जारी रखा जा रहा है।

महापालिका आयुक्त अभिनव गोयल स्वयं भी इस कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (MSEDCL) ने भी मानसून से पहले बिजली लाइनों पर पड़े पेड़ों की छाटणी कर आपूर्ति बाधित न हो, यह सुनिश्चित किया है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने आस-पास के कमजोर दिखने वाले पेड़ों की शिकायत नगर निगम के उद्यान विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।








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