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उल्हासनगर — सुबह करीब 4 बजे हुए भयानक सड़क हादसे में दो मित्रों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार पवन गुप्ता और राजू गुप्ता बाइक से अपने एक मित्र से मिलने वरप जा रहे थे। हनुमान मंदिर के पास ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक असंतुलित हो गई और दोनों युवक ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गए। हादसा इतनी गंभीरता का था कि दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और टिटवाला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कर दोनों शवों को कब्जे में लिया और आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम हेतु मध्यवर्ती अस्पताल भेज दिया। हादसे से उल्हासनगर में शोक की लहर फैल गई है। टिटवाला पुलिस प्राथमिक जांच कर रही है तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में दुर्घटना ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक के संतुलन खोने के कारण हुई प्रतीत हो रही है। असल कारण और किसी प्रकार की लापरवाही का पता जांच के बाद ही चलेगा।

 


कल्याण डोंबिवली — बारिश में आपत्कालीन परिस्थितियों में पेड़ों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को टालने के लिये कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका का उद्यान विभाग युद्धस्तर पर पेड़ छाटने का कार्य कर रहा है। महानगर पालिका के मुख्य उद्यान अधिक्षक संजय जाधव के मार्गदर्शन में आठ पथकों द्वारा मार्च 2026 से अब तक नगर के सभी प्रभागों में लगभग 974 खतरनाक पेड़ों की छाटणी की जा चुकी है और 27 खतरनाक पेड़ पूरी तरह तोड़कर हटाए गए हैं।

नगर भूगोल खाडी किनारे होने तथा व्यापक कंक्रीटीकरण और ढिली मिट्टी के कारण पेड़ों की जड़ें कमजोर हुई हैं, जिससे तेज वर्षा में पेड़ गिरने का जोखिम बढ़ता है। महापालिके ने 2024-25 में किये गए वृक्ष गणना अनुसार नगर क्षेत्र में कुल 7,36,000 पेड़ दर्ज किये हैं; हालांकि पिछले तीन वर्षों की दर से हर वर्ष 700-800 पेड़ गिरते देखे गए हैं, इसलिए यह अभियान निरंतर जारी रखा जा रहा है।

महापालिका आयुक्त अभिनव गोयल स्वयं भी इस कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (MSEDCL) ने भी मानसून से पहले बिजली लाइनों पर पड़े पेड़ों की छाटणी कर आपूर्ति बाधित न हो, यह सुनिश्चित किया है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने आस-पास के कमजोर दिखने वाले पेड़ों की शिकायत नगर निगम के उद्यान विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।








 

उल्हासनगर — 

राहुल नगर स्थित पुराने टेलीफोन एक्सचेंज के समीप मानसून पूर्व नाला सफाई के काम के दौरान मनपा के ठेकेदार की लापरवाही से कई जलापाइप लाइनों को भारी क्षति पहुंचने की घटना सामने आई है। जेसीबी मशीन से नाले में जमा मलबा और कचरा निकालते समय पाइपलाइन टूटने से आसपास की कई इमारतों और घरों में पिछले दो दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि टूटे हुए पाइप की सूचना देने पर मनपा के अधिकारियों ने तात्कालिक मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी पानी आपूर्ति बहाल नहीं की गई। मजबूरी में कई परिवार नाले के किनारे से बहते पानी को जमा कर उपयोग करने पर विवश हैं। नागरिकों ने मनपा प्रशासन पर कार्यवाही में सुस्ती व ठेकेदार की लापरवाही का आरोप लगाते हुए शीघ्र मरम्मत व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

ठेकेदार शुभम कंस्ट्रुक्शन के प्रतिनिधि ने बताया, "मैं जल्द से जल्द रिपेयरिंग का काम करवा देता हूँ।" वहीं कुछ निवासियों ने कहा कि आश्वासन के बावजूद मरम्मत की धीमी कार्रवाई से उन्हें रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।







 


उल्हासनगर — कैंप नंबर-5 के ओटी सेक्शन इलाके में 31 मई की दोपहर एक व्यक्ति ने दिनदहाड़े एक्टिवा स्कूटर चोरी कर ली। घटना मेट्रो बार के सामने हुई, जहां मालिक ने स्कूटर कुछ समय के लिए खड़ी की थी। चोरी का पूरा हाईलाइटेड घटनाक्रम पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।

चोरी हुई स्कूटर का नंबर MH-05-CD-7675 बताया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी साफ दिखाई दे रहा है जो मौके पर पहुंचकर बिना रोक-टोक स्कूटर लेकर वहां से निकल जाता है। घटना से स्थानीय रहेवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है और लोग वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है और फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने, नाके तैनात करने और वाहन चोरी रोधी स्पेशल कार्रवाई की मांग की है।








 

डोंबिवली — नागरिकों और खिलाड़ियों की मांगों के बाद बाबनचाळ स्थित रेल्वे मैदान पर चल रहे विकासकार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। स्थानीय सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल और लगातार किए गए संवाद के बाद रेलवे प्रशासन ने गेमिंग झोन और संबंधित निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाई। मैदान को पुनः जनता के उपयोग हेतु खोल दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

मैदान बचाओ आंदोलनकारी लंबे समय से मैदान की रक्षा को लेकर चल रहे स्थानीय आंदोलनों और सर्वपक्षीय समर्थन के कारण जनसमूह सक्रिय थे। साथ हे साथ 

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के त्वरित हस्तक्षेप और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय से मामला सुलझा।

स्थानीय मानव हित और सार्वजनिक दबाव के मद्देनज़र रेलवे प्रशासन का यू-टर्न ने विकासकार्य रोकने का निर्णय लिया।  गेमिंग झोन और अन्य निर्माण कार्यों पर तात्कालिक स्थगन इया गया। मैदान को खेलों और आम जनता के लिए तुरंत खुला किया गया।

खिलाड़ियों और नागरिकों ने मैदान पर एकत्र होकर जश्न मनाया और पेढे बांटकर खुशी व्यक्त की गई। मनसे के नगरसेवक प्रल्हाद म्हात्रे सहित कई सर्वपक्षीय नेताओं ने मैदान पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का उत्साहवर्धन किया और निवासियों के साथ खुशी में शामिल हुए।

स्थानीय खेल संघों ने कहा कि अब मैदान पर नियमित रूप से अभ्यास और प्रतियोगिताओं का आयोजन पुनः शुरू होगा।

मैदान बचाओ आंदोलन की यह जीत सर्वपक्षीय एकजुटता और जनहित की ताकत का उदाहरण मानी जा रही है।









 


उल्हासनगर:

उल्हासनगर कैंप-3 के पंचमुखी इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महानगरपालिका द्वारा चार मंजिला खतरनाक इमारत के डिमोलिशन का काम चल रहा था। जानकारी के अनुसार डिमोलिशन मशीन की सहायता से इमारत की दो मंजिल पहले ही गिरा दी गई थी, लेकिन अचानक बाकी बचे दो मंजिल खुद-ब-खुद भरभराकर नीचे आ गए और मलबा पास के आवासों पर जा गिरा। घटनास्थल पर तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए।

मलबे के दबने से पास की तीन लोग घर के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद अग्निशमन कर्मियों ने मलबा हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। बड़ी जनहानि टल गई।

मौके पर महानगरपालिका के अधिकारी और सुरक्षा बल मौजूद थे। स्थानीय निवासियों ने यह घटना चिंताजनक बताते हुए भविष्य में ऐसी प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतने और पूर्व सूचना तथा सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करने की मांग की है।






 


उल्हासनगर: 

एसएसटी महाविद्यालय, उल्हासनगर व युडॉक्सिया रिसर्च यूनिवर्सिटी (यूएसए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ई-कॉन्फ्रेंस ‘टेक्नोव्हा 2.0–2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। “टेक्नोलॉजी, साइंस एवं मल्टीडिसिप्लिनरी इनोवेशन में उभरते रुझान” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ता, प्राध्यापक, विशेषज्ञ और विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए और अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

सम्मेलन में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और बहुविषयक अनुसंधान के क्षेत्र में नई अवधारणाओं, शोध निष्कर्षों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस व सतत विकास जैसे विभिन्न विषयों में हो रहे नवीनतम विकास और सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने मानव जीवन पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव, अत्याधुनिक अनुसंधान तथा शिक्षा में आ रहे नवाचारी परिवर्तनों पर अपने विचार साझा किए।

आयोजन के दौरान वक्ताओं ने वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच ज्ञान व अनुभव के आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी युग में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच बौद्धिक विकास और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महाविद्यालय की SSTRACC समिति, प्रबंधन, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण व तकनीकी सहायक तथा युडॉक्सिया रिसर्च यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने सम्मेलन की सफलता के लिए विशेष प्रयास किए, जिनकी सराहना की गई। आयोजकों ने आगामी वर्षों में ऐसे और भी अन्तर्राष्ट्रीय सहयोगसत्र आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।







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