उल्हासनगर का केंद्रीय अस्पताल बनेगा ठाणे जिला अस्पताल जैसी स्वरूप में, उल्हासनगर में होगा 500 बेड का अत्याधुनिक केंद्रीय अस्पताल, छह माह में ESIC सेवा शुरू, सांसद डॉ. शिंदे व स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने किया अस्पताल का निरीक्षण; बड़े सुधारों का ऐलान।
उल्हासनगर — उल्हासनगर के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी सुधार की घोषणा आज की गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर और कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने शहर के केंद्रीय अस्पताल का निरीक्षण कर इसकी पुनर्विकास योजना का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय अस्पताल का मॉडल ठाणे जिला अस्पताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और यहां लगभग 500 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा।
सांसद डॉ. शिंदे ने उल्हासनगर महानगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि नए अस्पताल के निर्माण हेतु विस्तृत विकास योजना जल्द तैयार कर उच्चस्तर पर भेजी जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और जरूरी सुधार कार्य तुरंत कराने के आदेश दिए। सांसद ने कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अस्पताल का पूरा ऑडिट कर आवश्यक सुविधाओं हेतु निधि उपलब्ध करवाई जाएगी।
नए अस्पताल परिसर में महिला अस्पताल शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि महिला रोगियों को समेकित सेवाएं एक ही परिसर में मिल सकें। वहीं, शहर में स्थित ईएसआईसी श्रमिक अस्पताल की नई इमारत पूरी तरह तैयार है। फिलहाल इसकी क्षमता 100 बेड है, जिसे बढ़ाकर 250-300 बेड किए जाने की योजना है। भवन पर अतिरिक्त मंजिल बनाकर बेड क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि महात्मा फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही नए अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन और कैथ लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि ESIC श्रमिक अस्पताल को अगले छह महीनों के भीतर जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में महानगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






