उल्हासनगर — सिंधी समुदाय द्वारा मनाये जाने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजन झूलेलाल चालिया महोत्सव के तहत उल्हासनगर कैम्प नम्बर 5 में रविवार से 40 दिवसीय चालिया व्रत-उपवास आरंभ हो गया। परंपरा के अनुसार यहां 79 वर्षों से अखंड प्रज्वलित पिरघोट से लाई गई पवित्र ज्योति की पूजा-अर्चना कर व्रत का उद्घाटन किया गया।
समाज के श्रद्धालु आगामी चालीस दिनों तक सुबह-शाम झूलेलाल कथा श्रवण, पूजा-पाठ तथा जल आराधना में भाग लेंगे। इस व्रत का उद्देश्य जीवन में सुख-समृद्धि और लोककल्याण के लिए भगवान झूलेलाल की विशेष आराधना करना बताया जाता है। मंदिर समिति ने कहा कि चालिया महोत्सव सिंधी समुदाय का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है और पूरी भक्ति-श्रद्धा के साथ इसे मनाया जाता है।श्रद्धालुओं के सुविधाजनक और सुरक्षित हिस्सेदारी के लिए समयवार पूजा कार्यक्रम और भीड़ नियंत्रण के उपाय लागू किये गए हैं। उल्हासनगर कैंप-5 के स्थानीय समाजसेवी और पदाधिकारियों ने भी श्रद्धालुओं को परंपरा निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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