उल्हासनगर:
स्थानीय नागरिकों में पानी बिल की 20-25% बढ़ोतरी को लेकर तीव्र नाराजगी फैल गई है। नगरसेवकों के चुनाव जीतने के बाद महानगरपालिका की आज की पहली महासभा में नई पानी दरें लागू कर दी गईं, जो आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही हैं। पहले 3600 रुपये वार्षिक बिल वाले उपभोक्ताओं को अब 4400 रुपये, 1800 रुपये वाले को 2300 रुपये और 1200 रुपये वाले को 1500 रुपये चुकाने पड़ेंगे।नागरिकों का आरोप है कि वोट मांगने वाले प्रतिनिधियों ने बिना पूर्व सूचना या जनसुनवाई के यह “चुनावी तोहफा” थमा दिया। प्रभाग क्र. 13 के निवासियों ने इसे व्यंग्य में “हार्दिक बधाई” बताते हुए विरोध जताया। वहीं, महासभा में कांग्रेस गटनेत्री अंजली साळवे ने प्रभाग 18 की पानी समस्याओं—अनियमित वितरण, गंदा पानी और नियोजनहीन कारभार—पर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दरवृद्धि का जमकर विरोध किया।उल्हासनगर कैंप 4-5 की महिला नगरसेविका, अरुण आशान, शेरी लुंड ने भी पानी की खराब गुणवत्ता और अनियमित आपूर्ति पर चिंता जताई। नागरिकों की मांग है कि बढ़े बिल तुरंत वापस लिए जाएं और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। अब देखना है कि जनप्रतिनिधि इस उबाल को कैसे शांत करते हैं।

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