उल्हासनगर: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महावितरण द्वारा जारी 48 घंटों के भीतर स्मार्ट मीटर लगाने की धमकी-जैसे निर्देश के खिलाफ आज महावितरण के उल्हासनगर-3 क्षेत्रीय कार्यकारी अभियंता के कार्यालय के बाहर ठिय्या आंदोलन किया। मनसे का कहना है कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद ग्राहकों की लिखित सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का कोई अधिकार महावितरण के पास नहीं है और यदि ऐसा जबरदस्ती किया गया तो वह न्यायालय का अवमान माना जाएगा।
मनसे के जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख ने आरोप लगाया कि महावितरण कई तरह से उपभोक्ताओं का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई ग्राहकों के बिजली बिल दो से चार गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे उपभोक्ता काफी परेशान हैं। मनसे ने चेतावनी दी कि आगे से बिना ग्राहक की लेखी सहमति के कोई भी स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा; यदि अधिकारी और कर्मचारी जबरदस्ती मीटर लगाने आएंगे तो मनसे उन्हें कार्रवाई करके सबक सिखाएगी।
मनसे ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में दिन के दौरान बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे नागरिकों को असुविधा होती है, जबकि बिल समय पर न देने पर महावितरण कर्मी तुरंत कनेक्शन काट देते हैं और वसूली के लिए कड़ी भाषा अपनाते हैं। यदि महावितरण वसूली के मामले में इतनी सख्त है तो उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना भी उसकी जिम्मेदारी है, कहा मनसे ने।
जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख ने महावितरण द्वारा वसूले जा रहे अतिरिक्त चार्जों की भी निंदा की और कहा कि यह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्थिर आकार, वीज आकार, वहन आकार, इंधन समायोजन और 16% वीज शुल्क जैसे विभिन्न माध्यमों से उपभोक्ताओं की आर्थिक लूट की जा रही है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान मनसे के जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख, जिलाध्यक्ष धनंजय गुरव, उपशहर अध्यक्ष सचिन बेंडके, मुकेश सेठपलानी, विभाग अध्यक्ष नटवर वसिटा, कैलास घोरपडे,संजय नार्वेकर, विशाल रामनानी, संकेत शिंदे, अनिल गोधड़े, सुहास बनसोडे सहित शहर संघटक अशोक गरड, निर्मल मायकल, अमोल पाटील, आशितोष थोरात, सचिन शिरसाट व अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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