डोंबिवली — नागरिकों और खिलाड़ियों की मांगों के बाद बाबनचाळ स्थित रेल्वे मैदान पर चल रहे विकासकार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। स्थानीय सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल और लगातार किए गए संवाद के बाद रेलवे प्रशासन ने गेमिंग झोन और संबंधित निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाई। मैदान को पुनः जनता के उपयोग हेतु खोल दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मैदान बचाओ आंदोलनकारी लंबे समय से मैदान की रक्षा को लेकर चल रहे स्थानीय आंदोलनों और सर्वपक्षीय समर्थन के कारण जनसमूह सक्रिय थे। साथ हे साथ
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के त्वरित हस्तक्षेप और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय से मामला सुलझा।
स्थानीय मानव हित और सार्वजनिक दबाव के मद्देनज़र रेलवे प्रशासन का यू-टर्न ने विकासकार्य रोकने का निर्णय लिया। गेमिंग झोन और अन्य निर्माण कार्यों पर तात्कालिक स्थगन इया गया। मैदान को खेलों और आम जनता के लिए तुरंत खुला किया गया।
खिलाड़ियों और नागरिकों ने मैदान पर एकत्र होकर जश्न मनाया और पेढे बांटकर खुशी व्यक्त की गई। मनसे के नगरसेवक प्रल्हाद म्हात्रे सहित कई सर्वपक्षीय नेताओं ने मैदान पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का उत्साहवर्धन किया और निवासियों के साथ खुशी में शामिल हुए।
स्थानीय खेल संघों ने कहा कि अब मैदान पर नियमित रूप से अभ्यास और प्रतियोगिताओं का आयोजन पुनः शुरू होगा।
मैदान बचाओ आंदोलन की यह जीत सर्वपक्षीय एकजुटता और जनहित की ताकत का उदाहरण मानी जा रही है।

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