उल्हासनगर:
बदलापुर (पूर्व) के वालिवली क्षेत्र में निर्मित हो रहे 148 करोड़ रुपये के एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट ने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बदलापुर, अंबरनाथ और उल्हासनगर शहरों की लंबे समय से चली आ रही कचरा समस्या का स्थायी समाधान मिलने की पूरी उम्मीद है।
करीब 23 एकड़ जमीन पर विकसित इस प्लांट की कुल क्षमता प्रतिदिन 641 मीट्रिक टन कचरा प्रोसेस करने की है। यहां गीले कचरे से कंपोस्ट खाद, सूखे कचरे से ईंधन तैयार किया जाएगा, जबकि प्लास्टिक, कांच और कपड़े जैसे पदार्थों की रीसाइक्लिंग होगी। निर्माण मलबे के पुन: उपयोग की भी पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे डंपिंग ग्राउंड पर दबाव कम होगा और शहर कचरा मुक्त बनेंगे।
परियोजना स्थल का हालिया निरीक्षण महापौर अश्विनी निकम, विधायक कुमार आयलानी, उपमहापौर अमर लुंड सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य शेड का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मई के अंतिम सप्ताह से मशीनरी लगाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
परियोजना पूरी होने पर तीनों शहरों में दुर्गंध कम होगी, प्रदूषण नियंत्रित होगा तथा स्वच्छता में क्रांतिकारी सुधार आएगा। स्थानीय नागरिकों में इसकी खुशी की लहर है।

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