उल्हासनगर:
उल्हासनगर महानगरपालिका में दिव्यांगों और आम नागरिकों के मुद्दों को लेकर प्रहार जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आक्रामक प्रदर्शन किया। पिछले चार वर्षों से चल रहे आंदोलनों में दिव्यांग छड़ी घोटाले पर कोई कार्रवाई न होने, स्टॉल उपलब्ध न कराने और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
दिव्यांगों को स्टॉल देकर स्वरोजगार उपलब्ध कराना। महापालिका में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक प्रावधान करना। दिव्यांग मानधन को 4500 रुपये करना। प्रदर्शन के दौरान आयुक्त मनीषा आव्हाले के खिलाफ नारेबाजी हुई और उनके आंदोलनों के समय अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए गए।
दिव्यांग छड़ियों की खरीदी में हुए भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों पर मामला दर्ज करने और राशि वसूलने की मांग जोरदार तरीके से की गई। टीडीआर घोटाले और श्मशान घाटों पर लूट जैसे मुद्दों को भी उठाया गया। इस पर विधानमंडल में तारांकित प्रश्न भी उठ चुका है।
मनपा उपायुक्त श्री जवादवार ने दिव्यांग कल्याण समिति स्थापना, आर्थिक सहायता और स्टॉल उपलब्ध कराने सहित मांगों पर 20 तारीख तक महासभा में निर्णय का लिखित आश्वासन दिया। यदि महासभा में सकारात्मक निर्णय न लिया गया तो अगला आंदोलन महापौर के निवास के सामने होगा, ऐसा आंदोलनकारियों ने मीडिया को बताया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल ने किया, जिसमें प्रहार दिव्यांग क्रांति संगठन के महाराष्ट्र सचिव सुरेश मोकल और राष्ट्र कल्याण पार्टी अध्यक्ष शैलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में दिव्यांग उपस्थित थे।

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